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Shayari

Best Rahat Indori Shayari 2021

Rahat-Indori-Shayari
Rahat Indori Shayari

Best Rahat Indori Shayari:-Friends, if someone likes poems, it may not be that you do not know Dr. Rahat Indori Sahab, because Dr. Rahat Indori ji has earned so much name in the world that poetry, poetry, and ghazals have done so much work for people. As a result, Dr. Rahat Indouri Sahab is one of the great poets of Urdu language, as well as a prominent lyricist in Indian Bollywood, Dr. Rahat Indouri ji was born on 1 January 1950 in Indore city of Madhya Pradesh. Rahat Indouri Ji real name was Rahat Qureshi who later came to be known as Rahat Indouri, his father’s name Rafatullah Qureshi was a textile mill worker and mother’s name was Maqbool Un Nisha Begum. He received his Ph.D. in Urdu literature from Bhoj Open University, Madhya Pradesh.

Best Rahat Indori Shayari in Hindi

बहुत ग़ुरूर है दरिया को अपने होने पर,

जो मेरी प्यास से उलझे तो धज्जियाँ उड़ जाएँ

  ये हवाएँ उड़ न जाएँ ले के काग़ज़ का बदन,

 दोस्तो मुझ पर कोई पत्थर ज़रा भारी रखो     

rahat indori ki shayari

  कॉलेज के सब बच्चे चुप हैं काग़ज़ की इक नाव लिए

  चारों तरफ़ दरिया की सूरत फैली हुई बेकारी है 

  रोज़ पत्थर की हिमायत में ग़ज़ल लिखते हैं,

  रोज़ शीशों से कोई काम निकल पड़ता है   

rahat indori shayari in urdu

  मैंने अपनी खुश्क आँखों से लहू छलका दिया,

  इक समंदर कह रहा था मुझको पानी चाहिए।    

  रोज़ तारों को नुमाइश में ख़लल पड़ता है,

  चाँद पागल है अँधेरे में निकल पड़ता है।

rahat indori sad shayari 2 line

  नए किरदार आते जा रहे हैं,

  मगर नाटक पुराना चल रहा है   

  बीमार को मरज़ की दवा देनी चाहिए,

  मैं पीना चाहता हूँ पिला देनी चाहिए   

  मैं आख़िर कौन सा मौसम तुम्हारे नाम कर देता,

  यहाँ हर एक मौसम को गुज़र जाने की जल्दी थी  

rahat indori shayari hindi

  मैं ने अपनी ख़ुश्क आँखों से लहू छलका दिया,

  इक समुंदर कह रहा था मुझ को पानी चाहिए  

  शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम,

  आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे  

Famous Shayari Of Rahat Indori

  बोतलें खोल कर तो पी बरसों,

  आज दिल खोल कर भी पी जाए                                       

  सूरज सितारे चाँद मिरे सात में रहे,

   जब तक तुम्हारे हात मिरे हात में रहे                              

  दोस्ती जब किसी से की जाए,

  दुश्मनों की भी राय ली जाए       

rahat indori shayari image

  सभी का ख़ून है शामिल यहां की मिट्टी में,

  किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है 

rahat-indori-shayari-in-hindi
rahat indori shayari in hindi

  वो चाहता था कि कासा ख़रीद ले मेरा,

  मैं उस के ताज की क़ीमत लगा के लौट आया

  ये ज़रूरी है कि आँखों का भरम क़ाएम रहे,

  नींद रक्खो या न रक्खो ख़्वाब मेयारी रखो

rahat indori sad shayari

  घर के बाहर ढूँढता रहता हूँ दुनिया,

   घर के अंदर दुनिया-दारी रहती है

  हम से पहले भी मुसाफ़िर कई गुज़रे होंगे

  कम से कम राह के पत्थर तो हटाते जाते

  एक ही नद्दी के हैं ये दो किनारे दोस्तो,

  दोस्ताना ज़िंदगी से मौत से यारी रखो

  अजनबी ख़्वाहिशें , सीने में दबा भी न सकूँ,

   ऐसे ज़िद्दी हैं परिंदे ,  कि उड़ा भी न सकूँ

rahat indori sad shayari 2 line

  शहर क्या देखें कि हर मंज़र में जाले पड़ गए

  ऐसी गर्मी है कि पीले फूल काले पड़ गए

  आँख में पानी रखो , होंटों पे चिंगारी रखो

  ज़िंदा रहना है तो , तरकीबें बहुत सारी रखो

  रोज़ तारों को नुमाइश  में , खलल पड़ता हैं

   चाँद पागल हैं , अंधेरे में निकल पड़ता हैं

 अब तो हर हाथ का पत्थर हमें पहचानता है

  उम्र गुज़री है तिरे शहर में आते जाते

rahat indori shayari lyrics

  बहुत ग़ुरूर है दरिया को अपने होने पर

  जो मेरी प्यास से उलझे तो धज्जियाँ उड़ जाएँ

  बीमार को मरज़ की दवा देनी चाहिए

  मैं पीना चाहता हूँ पिला देनी चाहिए

  बोतलें खोल कर तो पी बरसों

  आज दिल खोल कर भी पी जाए

  दोस्ती जब किसी से की जाए

  दुश्मनों की भी राय ली जाए

  एक ही नद्दी के हैं ये दो किनारे दोस्तो 

  दोस्ताना ज़िंदगी से मौत से यारी रखो

rahat indori shayari on life

  जागने की भी, जगाने की भी, आदत हो जाए

  काश तुझको किसी शायर से मोहब्बत हो जाए

  दूर हम कितने दिन से हैं, ये कभी गौर किया

  फिर न कहना जो अमानत में खयानत हो जाए

  सूरज, सितारे, चाँद मेरे साथ में रहें

  जब तक तुम्हारे हाथ मेरे हाथ में रहें

  शाखों से टूट जाए वो पत्ते नहीं हैं हम

  आंधी से कोई कह दे की औकात में रहें

  अब हम मकान में ताला लगाने वाले हैं

  पता चला हैं की मेहमान आने वाले हैं

  आँखों में पानी रखों, होंठो पे चिंगारी रखो

  जिंदा रहना है तो तरकीबे बहुत सारी रखो

  राह के पत्थर से बढ के, कुछ नहीं हैं मंजिलें

  रास्ते आवाज़ देते हैं, सफ़र जारी रखो

  कभी महक की तरह हम गुलों से उड़ते  हैं

  कभी धुएं की तरह पर्वतों से उड़ते हैं

  ये केचियाँ हमें उड़ने से खाक रोकेंगी

  की हम परों से नहीं हौसलों से उड़ते हैं

rahat indori shayari best

  गुलाब, ख्वाब, दवा, ज़हर, जाम  क्या क्या हैं

  में आ गया हु बता इंतज़ाम क्या क्या हैं

  फ़क़ीर, शाह, कलंदर, इमाम क्या क्या हैं

  तुझे पता नहीं तेरा गुलाम क्या क्या हैं

  हर एक हर्फ़ का अंदाज़ बदल रखा हैं

  आज से हमने तेरा नाम ग़ज़ल रखा हैं

  मैंने शाहों की मोहब्बत का भरम तोड़ दिया

   मेरे कमरे में भी एक “ताजमहल” रखा हैं

  नए सफ़र का नया इंतज़ाम कह देंगे

  हवा को धुप, चरागों को शाम कह देंगे

  किसी से हाथ भी छुप कर मिलाइए

  वरना इसे भी मौलवी साहब हराम कह देंगे

Rahat indori Best Shayari

  जवान आँखों के जुगनू चमक रहे होंगे

 अब अपने गाँव में अमरुद पक रहे होंगे

 भुलादे मुझको मगर, मेरी उंगलियों के निशान

 तेरे बदन पे अभी तक चमक रहे होंगे

  जवानिओं में जवानी को धुल करते हैं

  जो लोग भूल नहीं करते, भूल करते हैं

  अगर अनारकली हैं सबब बगावत का

  सलीम हम तेरी शर्ते कबूल करते हैं

  इश्क ने गूथें थे जो गजरे नुकीले हो गए

  तेरे हाथों में तो ये कंगन भी ढीले हो गए

  फूल बेचारे अकेले रह गए है शाख पर

  गाँव की सब तितलियों के हाथ पीले हो गए

rahat indori shayari collection

   काम सब गेरज़रुरी हैं, जो सब करते हैं

  और हम कुछ नहीं करते हैं, गजब करते हैं    

  आप की नज़रों मैं, सूरज की हैं जितनी अजमत

   हम चरागों का भी, उतना ही अदब करते हैं

   ये सहारा जो न हो तो परेशां हो जाए

   मुश्किलें जान ही लेले अगर आसान हो जाए

   ये कुछ लोग फरिस्तों से बने फिरते हैं

   मेरे हत्थे कभी चढ़ जाये तो इन्सां हो जाए

love-quotes  सरहदों पर तनाव हे क्या

          ज़रा पता तो करो चुनाव हैं क्या

          शहरों में तो बारूदो का मौसम हैं

          गाँव चलों अमरूदो का मौसम हैं

 

rahat indori shayari in hindi two line

love-quotes  रोज़ तारों को नुमाइश में खलल पड़ता हैं

          चाँद पागल हैं अन्धेरें में निकल पड़ता हैं

          उसकी याद आई हैं सांसों, जरा धीरे चलो

          धडकनों से भी इबादत में खलल पड़ता हैं

love-quotes  जुबा तो खोल, नज़र तो मिला,जवाब तो दे

          में कितनी बार लुटा हु, मुझे हिसाब तो दे

          तेरे बदन की लिखावट में हैं उतार चढाव

          में तुझको कैसे पढूंगा, मुझे किताब तो दे

love-quotes  लवे दीयों की हवा में उछालते रहना

           गुलो के रंग पे तेजाब डालते रहना

           में नूर बन के ज़माने में फ़ैल जाऊँगा

           तुम आफताब में कीड़े निकालते रहना

           

Rahat Indori Quotes

  सफ़र की हद है वहां तक की कुछ निशान रहे

  चले चलो की जहाँ तक ये आसमान  रहे

  ये क्या उठाये कदम और आ गयी मंजिल

   मज़ा तो तब है के पैरों में कुछ थकान रहे

love-quotes  तुफानो से आँख मिलाओ, सैलाबों पे वार करो

          मल्लाहो का चक्कर छोड़ो, तैर कर दरिया पार करो

          फूलो की दुकाने खोलो, खुशबु का व्यापर करो

          इश्क खता हैं, तो ये खता एक बार नहीं, सौ बार करो

love-quotes   जा के कोई कह दे, शोलों से चिंगारी से

           फूल इस बार खिले हैं बड़ी तैयारी से

           बादशाहों से भी फेके हुए सिक्के ना लिए

           हमने खैरात भी मांगी है तो खुद्दारी से

love-quotes   उसकी कत्थई आंखों में हैं जंतर मंतर सब

           चाक़ू वाक़ू, छुरियां वुरियां, ख़ंजर वंजर सब

           जिस दिन से तुम रूठीं,मुझ से, रूठे रूठे हैं

           चादर वादर, तकिया वकिया, बिस्तर विस्तर सब

           मुझसे बिछड़ कर, वह भी कहां अब पहले जैसी है

           फीके पड़ गए कपड़े वपड़े, ज़ेवर वेवर सब

love-quotes   बन के इक हादसा बाज़ार में आ जाएगा

           जो नहीं होगा वो अखबार में आ जाएगा

           चोर उचक्कों की करो कद्र, की मालूम नहीं

           कौन, कब, कौन सी  सरकार में आ जाएगा

love-quotes   बन के इक हादसा बाज़ार में आ जाएगा

           जो नहीं होगा वो अखबार में आ जाएगा

          चोर उचक्कों की करो कद्र, की मालूम नहीं

          कौन, कब, कौन सी  सरकार में आ जाएगा

love-quotes   नयी हवाओं की सोहबत बिगाड़ देती हैं

           कबूतरों को खुली छत बिगाड़ देती हैं

           जो जुर्म करते है इतने बुरे नहीं होते

           सज़ा न देके अदालत बिगाड़ देती हैं

love-quotes   साँसों की सीडियों से उतर आई जिंदगी

           बुझते हुए दिए की तरह, जल रहे हैं हम

           उम्रों की धुप, जिस्म का दरिया सुखा गयी

           हैं हम भी आफताब, मगर ढल रहे हैं हम

love-quotes   लोग हर मोड़ पे रुक रुक के संभलते क्यों हैं

           इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यों हैं

           मोड़ होता हैं जवानी का संभलने  के लिए

          और सब लोग यही आके फिसलते क्यों हैं

love-quotes   दिलों में आग, लबों पर गुलाब रखते हैं

           सब अपने चहेरों पर, दोहरी नकाब रखते हैं

           हमें चराग समझ कर भुझा ना पाओगे

           हम अपने घर में कई आफ़ताब रखते हैं

love-quotes   इश्क में पीट के आने के लिए काफी हूँ

           मैं निहत्था ही ज़माने  के लिए काफी हूँ

           हर हकीकत को मेरी, खाक समझने वाले

           मैं तेरी नींद उड़ाने के लिए काफी हूँ

           एक अख़बार हूँ, औकात ही क्या मेरी

           मगर शहर में आग लगाने के लिए काफी हूँ

love-quotes   मिरी ख़्वाहिश है कि आँगन में न दीवार उठे

           मिरे भाई मिरे हिस्से की ज़मीं तू रख ले

love-quotes   न हम-सफ़र न किसी हम-नशीं से निकलेगा

           हमारे पाँव का काँटा हमीं से निकलेगा

love-quotes   मैं पर्बतों से लड़ता रहा और चंद लोग

           गीली ज़मीन खोद के फ़रहाद हो गए

love-quotes   उस की याद आई है साँसो ज़रा आहिस्ता चलो

           धड़कनों से भी इबादत में ख़लल पड़ता है

love-quotes   मज़ा चखा के ही माना हूँ मैं भी दुनिया को

           समझ रही थी कि ऐसे ही छोड़ दूँगा उसे

love-quotes   ख़याल था कि ये पथराव रोक दें चल कर

           जो होश आया तो देखा लहू लहू हम थे

rahat indori shayari bulati hai magar

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