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59+ Kumar Vishwas Shayari in Hindi with image | कुमार विश्वास शायरी

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Best kumar vishwas shayari in hindi :- jai hind dosto agar aap bhi Kumar Vishwas Shayari ke fan hai aur usse search kar rhe hai toh

aap bilkul sahi jgha par hai yha aapko in hindi aur in english me kumar vishwas ki shayari (कुमार विश्वास की शायरी)  padhne ko milegi, inme se 3 kavita toh bhaut famous hai है, Ek Pagli Ladki Ke Bin, Koi Deewana Kehta Hai aur Phir Meri Yaad jisse padhne ke baad aapko bhaut accha lgega. toh chaliye jante hai aaj ke yug ke bhartiya kavi dr. kumar vishwas ke baare mai….

Kumar Vishwas ka real name Vishwas Kumar Sharma hai unka janam 10 feb 1970 ko ek madhyam vargiy family me uttar pradesh ke Pilkhuwa me hua tha, unke father, Chandra Pal Sharma, jo R.S.S. Degree College Pilkhuwa me lecturer thai and unki mother, Rama Sharma,ek housewife thai.

unki primary education Lala Ganga Sahay School, Pilkhuwa me suru hui aur baad me unhone Pilkhuwa ke Rajputana Regiment Inter College,se intermidate pura kiya, unhone hindi shatiya me PHD ki.

unhone na keval bharat me balki videsho me bhi perform kiya hai, kimar vishwas ne aap (aam admi party) join ki lekin kuch samay baad unhone party chod di or pura samay apni kavitao ko dene lage. kumar vishwas ki jabardastshayari ke sath kai dil jeete hai.

Kumar Vishwas Shayari in hindi 2021

कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है,

मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है.

मैं तुझसे दूर कैसा हूँ , तू मुझ से दूर कैसी है,

ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है.

मेरा जो भी तर्जुबा है, तुम्हे बतला रहा हूँ मैं

कोई लब छु गया था तब, की अब तक गा रहा हूँ मैं

बिछुड़ के तुम से अब कैसे, जिया जाये बिना तडपे

जो मैं खुद ही नहीं समझा, वही समझा रहा हु मैं

kumar vishwas dosti shayari in hindi

मेरे जीने मरने में, तुम्हारा नाम आएगा.

मैं सांस रोक लू फिर भी, यही इलज़ाम आएगा.

हर एक धड़कन मेंजब तुमहो, तो फिर अपराध क्या मेरा,

अगर राधा पुकारेंगी, तो घनश्याम आएगा.

यह भी देखें 👉👉 Rahat indori shayari

                             Anamika jain Amber Shayari 

कुमार विश्वास शायरी हिंदी love

जब पिछवाड़े के कमरे में , हम निपट अकेले होते हैं ,

जब घड़ियाँ टिक -टिक चलती हैं, सब सोते हैं, हम रोते हैं ,

जब बार बार दोहराने से , सारी यादें चुक जाती हैं ,

जब उंच -नीच समझाने में , माथे की नस दुःख जाती हैं ,

तब एक पगली लड़की के बिन जीना गद्दारी लगता है ,

और उस पगली लड़की के बिन मरना भी भारी लगता है !!

kumar vishwas shayari lyrics

भ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हंगामा

हमारे दिल में कोई ख्वाब पल बैठा तो हंगामा

अभी तक डूबकर सुनते थे सब किस्सा मोहब्बत का

मैं किस्से को हकीकत में बदल बैठा तो हंगामा

बस्ती बस्ती घोर उदासी पर्वत पर्वत खालीपन

मन हीरा बेमोल बिक गया घिस घिसरी तातन चंदन

इस धरती से उस अम्बर तक दो ही चीज़ गज़ बकी है

एक तो तेरा भोलापन है एक मेरा दीवानापन

kumar vishwas shayari image

“जब कि हर साँस मेरी, तेरी वजह से है माँ,

फिर तेरे नाम का,दिन एक मुक़र्रर क्यूँ है..?”❤️

किसी पत्थर में मूरत है कोई पत्थर की मूरत है

लो हमने देखली दुनिया जो इतनी ख़ूबसूरत है

ज़माना अपनी समझे पर मुझे अपनी खबर ये है

तुम्हें मेरी जरूरत है, मुझे तेरी जरूरत है

kumar vishwas motivational shayari in hindi

जो धरती से अम्बर जोड़े , उसका नाम मोहब्बत है ,

जो शीशे से पत्थर तोड़े , उसका नाम मोहब्बत है ,

कतरा कतरा सागर तक तो ,जाती है हर उम्र मगर ,

बहता दरिया वापस मोड़े , उसका नाम मोहब्बत है .

बहुत बिखरा बहुत टूटा थपेड़े सह नहीं पाया,

हवाओं के इशारों पर मगर मैं बह नहीं पाया,

अधूरा अनसुना ही रह गया यूं प्यार का किस्सा,

कभी तुम सुन नहीं पायी, कभी मैं कह नहीं पाया

kumar vishwas shayari in hindi image

पनाहों में जो आया हो, तो उस पर वार क्या करना ?

जो दिल हारा हुआ हो, उस पे फिर अधिकार क्या करना ?

मुहब्बत का मज़ा तो डूबने की कशमकश में हैं,

जो हो मालूम गहराई, तो दरिया पार क्या करना ?

जिसकी धुन पर दुनिया नाचे, दिल ऐसा इकतारा है,

जो हमको भी प्यारा है और, जो तुमको भी प्यारा है.

झूम रही है सारी दुनिया, जबकि हमारे गीतों पर,

तब कहती हो प्यार हुआ है, क्या अहसान तुम्हारा है.

kumar vishwas shayari on life

जिस्म का आखिरी मेहमान बना बैठा हूं,
एक उम्मीद का उन्वान बना बैठा हूं|
वह कहां है यह हवाओं को भी मालूम है,
एक बस में हूं जो अनजान बना बैठा हू|

हमने दुख के महासिंधु से सुख का मोती बीना है,
और उदासी के पंजों से हंसने का सुख छीना है|
मान और सम्मान हमें ए याद दिलाते हैं पल पल,
भीतर भीतर मरना है पर बाहर बाहर जीना है|

Muktak kumar vishwas

पनाहों में जो आया हो तो उस पर वार क्या करना,
जो दिल हारा हुआ हो उस पे फिर अधिकार क्या करना|
‘मोहब्बत’ का मजा तो डूबने की कशम-कश में है,
जो हो मालूम गहरायी तो दरिया पार क्या करना

पनाहों में जो आया हो तो उस पर वार क्या करना,
जो दिल हारा हुआ हो उस पे फिर अधिकार क्या करना|
‘मोहब्बत’ का मजा तो डूबने की कशम-कश में है,
जो हो मालूम गहरायी तो दरिया पार क्या करना

कोई मंजिल नहीं जंचती, सफर अच्छा नहीं लगता,
अगर घर लौट भी आऊं तो घर अच्छा नहीं लगता|
करूं कुछ भी मैं अब दुनिया को सब अच्छा ही लगता है,
मुझे कुछ भी तुम्हारे बिन मगर अच्छा नहीं लगता|

badalne ke to in aankho ke manzar kam nahi badalne- kumar vishwas shayari in hindi

बदलने को तो इन आंखों के मंजर कम नहीं बदले,
तुम्हारी याद के मौसम हमारे गम नहीं बदले|
तुम अगले जन्म में हम से मिलोगी तब तो मानोगी,
जमाने और सदी की इस बदल में हम नहीं बदले|

ना पाने की खुशी है कुछ ना खोने का ही कुछ गम है,
ये ‘दौलत’ और ‘शोहरत’ सिर्फ कुछ जख्मों का मरहम है|
अजब सी कशमकश है रोज जीने रोज मरने में ,
मुकम्मल जिंदगी तो है मगर पूरी से कुछ कम है|

कुमार विश्वास की कविता 2021

बताएं क्या हमें किन किन सहारो ने सताया है,
नदी तो कुछ नहीं बोली किनारों ने सताया है|
सदा से शूल मेरी राह से खुद हट गए लेकिन,
मुझे तो हर घड़ी हर पल बहारों ने सताया है|

सदा तो धूप के हाथों में ही परचम नहीं होता,
खुशी के घर में भी बोलो कभी क्या गम नहीं होता|
फकत एक आदमी के वास्ते जग छोड़ने वालों,
फकत उस आदमी से ये जमाना कम नहीं होता|

कुमार विश्वास की गजलें

मेरे जीने मरने में, तुम्हारा नाम आएगा
मैं सांस रोक लू फिर भी, यही इलज़ाम आएगा
हर एक धड़कन में जब तुम हो, तो फिर अपराध क्या मेरा
अगर राधा पुकारेंगी, तो घनश्याम आएगा

तुम्हारा ख़्वाब जैसे ग़म को अपनाने से डरता है
हमारी आखँ का आँसूं , ख़ुशी पाने से डरता है
अज़ब है लज़्ज़ते ग़म भी, जो मेरा दिल अभी कल तक़
तेरे जाने से डरता था वो अब आने से डरता है

बहुत बिखरा बहुत टूटा मगर मैं सह नहीं पाया,
हवाओं के इशारों पर मगर मैं बह नहीं पाया|
अधूरा अनसुना ही रह गया यूं प्यार का किस्सा,
कभी तुम सुन नहीं पाई कभी मैं कह नहीं पाया |

kumar vishwas shayari download

गिरेबां चाक कर अपना कि सीना और मुश्किल है,
हर पल मुस्कुराके अश्क पीना और मुश्किल है |
हमारी बदनसीबी ने हमें इतना सिखाया है,
किसी के इश्क में मरने से जीना और मुश्किल है|

सब अपने दिल के राजा हैं सबकी कोई रानी है,
भले प्रकाशित हो ना हो पर सब की कोई कहानी है|
बहुत सरल है किसने कितना दर्द सहा है,
जितनी जिसकी आंख हंसे है उतनी पीर पुरानी है|

पुकारे आँख में चढ़कर तो खू को खू समझता है,
अँधेरा किसको को कहते हैं ये बस जुगनू समझता है,
हमें तो चाँद तारों में भी तेरा रूप दिखता है,
मोहब्बत में नुमाईश को अदायें तू समझता है

kumar vishwas ki shayari hindi mai

मेरा अपना तजुर्बा है तुम्हें बतला रहा हूं मैं ,
कोई लब छू गया था तब के अब तक गा रहा हूं मैं|
बिछड़ के तुमसे अब कैसे जिया जाए बिना तड़पे,
जो मैं खुद ही नहीं समझा वही समझा रहा हूं मैं|

मिले हर जख्म को मुस्कान से सीना नहीं आया,
अमरता चाहते थे पर जहर पीना नहीं आया |
तुम्हारी और हमारी दास्तां में फर्क इतना है,
मुझे मरना नहीं आया तुम्हें जीना नहीं आया|

Dosto hume ummed hai aapko Kumar Vishwas ki Shayari on life acchi lge hogi, agar aap ko bhi apni koi shayari pasand hai toh comment box mai jarur btaiye.

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