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Shayari

Anamika Jain Amber Shayari 2021

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Best anamika jain amber shayari :- Anamika Jain “Amber” was born on 22 March 1983 in Lalitpur Nagar, Uttar Pradesh.

Her father Advocate Uttam Chand Jain and mother Smt. Gunamala Jain are both religious persons.

she had a special attachment in the field of poetry from the very beginning. Right from the child stage, he started singing poems written in seminars and forums….अनामिका जैन “अम्बर”

In December 2006, She was married and anamika jain amber husband name is Saurabh Jain ‘Suman’.

They have two sons kaavy jain and Granth jain. 

Anamika jain amber Shayari in hindi

मेरे कॉलेज का एक लड़का जो लिख कर प्रीत देता था

वो दिल के साज को मेरे नया संगीत देता था

वो पागल था दीवाना था वो भोला था सयाना था

हमेशा हार कर मुझसे मुझे वो जीत लेता था ।

नज़र भर देख लूँ उसको दुआ दिन रात करती थी,

मगर ज़ाहिर नहीं दिल के कोई जज़्बात करती थी,

यही था प्यार शायद चाँद तारों से अकेले में,

वो मेरी बात करता था मैं उसकी बात करती थी।

Nazar Bhar Dekh Loon Usko Dua Din Raat Karti Thi,
Magar Zaahir Nahin Dil Ke Koi Jazbaat Karti Thi,
Yahi Tha Pyaar Shayad Chaand Taaron Se Akele Mein,
Vo Meri Baat Karta Tha Main Uski Baat Karti Thi.

मोहब्बत के सफ़र को एक हँसी आग़ाज़ दे देना,

मेरा कल मुस्कुरा उठे तुम ऐसा आज दे देना,

वफ़ाएँ देख लेना तुम तुम्हारी प्यार की ख़ातिर,

चली आऊँगी मैं सब छोड़ कर आवाज़ दे देना।

Anamika jain amber Poems in hindi

शाम भी खास है वक़्त भी खास है,

मुझको एहसास है तुझको एहसास है,

इससे ज्यादा हमें और क्या चाहिए,

मैं तेरे पास हूँ तू मेरे पास है।

मैं तुझे जान लूँ, तू मुझे जान ले परे

मैं भी पहचान लूँ तू भी पहचान ले

है बहुत ही सरल प्रेम का व्याकरण

तेरी मैं मान लूँ मेरी तू मान ले

anamika jain amber shayari

चाँद बिन चाँदनी रात होती नहीं

ना हो बदल तो बरसात होती नहीं

शब्द मजबूर हैं, व्यक्त क्या क्या करें

प्रेम जब हो मुखर बात होती रहे

मेरा मन तू बने तेरा मन मैं बनूँ

ऐसे पूजूँ तुझे ख़ुद नमन मैं बनूँ

एक ही प्रार्थना है प्रभू से मेरी

हर जन्म में तेरी ही दुल्हन मैं बनूँ

anamika amber shayari
अनामिका जैन "अम्बर" शायरी

बंद पिंजरे के कैद परिंदे,

इक बार उड़ा कर तो देखो

ग़म छूमंतर हो जाएँगे,

मुस्कुरा कर तो देखो ।।

anamika amber jain shayari download

जो कानो तक नहीं पहुचे वो अल्फाज़ मत होना ,

जिसे दिल जान ना पाए कभी वो राज़ मत होना ,

है मुमकिन गलतियों से गलतियों का भी तोह हो जाना !

मुझे तुम कुछ भी कह लेना मगर नाराज़ मत होना…

प्रीत में इक रतन मैं जड़ूँ तुम जड़ो

एक नया व्याकरण मैं गढ़ूँ तुम गढ़ो

उलझनें सब  सुलझ जाएँगी पल में ही

ईक क़दम  ईक क़दम मैं बढ़ूँ तुम बढ़ो

अनमोल हूँ मैं तुम तो मेरा दाम नहीं हो

मैं जिसको याद रखूँ ऐसा नाम नहीं हो

मिल जाएँगी तुम्हारी गोपियाँ तुम्हें कहीं

मैं जिसकी राधिका हूँ तुम वो श्याम नहीं हो

anamika jain amber ki kavita

ये दरिया भी नहीं लेकिन समंदर चाहिए इनको

ज़रा देखो अनामिका सा अंबर चाहिए इनको

बड़े करके जतान लड़की के मन को पहले

फिर उसके संग सहेली का भी नम्बर चाहिए इनको

मैं तेरे नाम हो जाऊँ तू मेरे नाम हो जाए

मैं तेरा दाम हो जाऊँ तू मेरा दाम हो जाए

ना राधा सा ना मीरा सा विरह मंज़ूर है मुझको

बनूँ मैं रुक्मणी तेरी तू मेरा श्याम हो जाए

anamika jain amber poems lyrics

जैसा तन दिख रहा वैसा मन कीजिए

ऐसा वैसा ना कोई जतन कीजिए

तीर्थ के दौर में प्रेम करते नहीं

ये उम्र है भजन की भजन कीजिए

अनामिका अम्बर जैन शायरी

नज़र अनजान भी रखना मगर पहचान भी रखना

करो मासूम शैतानी तो फिर ईमान भी रखना

खुले मन से नए रिश्तों का स्वागत भी करो लेकिन

ज़रूरी है बुज़ुर्गों का सदा सम्मान भी रखना

मेरे अन्दाज़ को अपना अलग अन्दाज़ दे देना

चली आऊँगी मैं सब छोड़ कर

तुम्हारे ही लिए ये गीत ये ग़ज़लें लिखी मैंने

सुनाती  हूँ तुम्हें तुम तालियों का आग़ाज़ दे देना

अनामिका अम्बर मुक्तक

मोहब्बत के सफ़र को एक हँसी आग़ाज़ दे देना

मेरा कल मुस्कुरा उठे तुम ऐसा आज दे देना

वफ़ाएँ देख लेना तुम तुम्हारी प्यार की ख़ातिर

चली आऊँगी मैं सब छोड़ कर आवाज़ दे देना

अगर है पास वो तो हिचकियाँ अच्छी नहीं लगती

बिना मौसम के बादल बिजलियाँ अच्छी नहीं लगती

मिले रेस्पॉन्स तो लड़के बहुत तारीफ़ करते हैं

जो ठुकरा दें उन्हें वो लड़कियाँ अच्छी नहीं लगती

मोहब्बत जिनको होती है मुक़द्दर रूठ जाता है

मुसाफ़िर संग जो चलता है सफ़र में छूट जाता है

दिलों से खेलने मत दो कभी नादान लोगों को

खिलोना काँच का है ये की अक्सर टूट जाता है

anamika amber jain shayari in hindi

जो कानो तक नहीं पहुचे वो अल्फाज़ मत होना ,

जिसे दिल जान ना पाए कभी वो राज़ मत होना ,

है मुमकिन गलतियों से गलतियों का भी तोह हो जाना !

मुझे तुम कुछ भी कह लेना मगर नाराज़ मत होना

यह  दरिया भी नहीं लेकिन समंदर चाहिए इनको ,

जरा देखो anamika सा amber चाहिए इनको ,

बड़े करके जतन लड़की के मन को जीत ते पहले

फिर उसके संग सहेली का भी नंबर चाहिए इनको

किसी से मांगकर अपना गुज़ारा हम नही करते ,

निभाते है सभी वादे किनारा हम नही करते ,

खुदा ने जो दिया है रूप ये उसका ही जादू है

की लड़के खुद भटकते है इशारा हम नही करते

आज मंज़र खराब हो जाता ,

गर पुराना हिसाब हो जाता ,

ठीक है बात बढ़ नहीं पाई !

वरना तू बे नकाब हो जाता..

नहीं अपमान करना था , तुम्हे सम्मान रखना था ,

की रिश्तो की इबादत का कोई प्रतिमान रखना था,

नही जज्ती तुम्हारे कद में ये बाते जरा सुनलो ..

तुम्हे तो कृष्ण बनकर द्रोपदी का मान रखना था

बित्ते होकर खुदको गज का नाप समझने लगते हैं

ज़रा बड़े हो, बच्चे खुद को बाप समझने लगते हैं

इक दो चींटी जिनकी अंबर राह छोड़कर चली गयी

वही केंचुए अक्सर खुदको साँप समझने लगते हैं

anamika-jain-amber-shayari-2020
anamika jain amber shayari 2020

anamika jain amber in english

Sham nhi khas hai waqt bhi khas h

Mujko ehsas h tujko ehsas h

Isse jyada hume aur kya chahiye

Mai tere pass hu tu mere pass h

Ek rishta naya reshmi sa buno

Maine tumko chuna tum bhi mujko chuno

Jindagi prem ki hai kahani jise

Tum kaho mai sunu mai kahu tum suno

Jaisa tan dikh raha waisa maan kijiye

Aisa waisa na koi jatan kijjye

teerth ke daur mein prem karte nahi

Ye umar hai bhajan ki bhajan kijiye

Jaha par sach, daya ,samman aur iman rehta h

Wahi jakar wo allah aur wo bhagwan rehta h

Agar tune nikala h kisi ke paw ka kata

To ye tay hai tere dil me koi insan rehta h

Mai tere naam ho jau tu mere naam ho jaye

Mai tera dam ho jau tum mera dam ho jaye

Na raadha san a meera sa vireh manjoor hai muzko

Banu mai rukmani teri tu mera shyam ho jaye

Mohhabat Jinko Hoti Hai Mukkadar Ruth Jata Hai,

Mushafir Sang Jo Chalta Safar Mein Choot Jata Hai,

Dil Se Khelne Mat Do Kabhi Nadaan Logo Ko,

Khilauna Kaanch Ka Hai Ye Ki Aksar Toot Jata Hai.

Najar anjaan bhi rakhna magar pehchan bhi rakhna

Karo masoom sahitani to phir iman bhi rakhna

Khuule man se naye rishto ka swagat karo lekin

Jaroori h bujurgo ka sada samman bhi rakhna

Jo tum magroor to ho mujhe magroor mat samjho

Meri In rishto ko manzilo se door mat samjho

Sharaf ko meri kamazorio ka naam mat dena

Mai chup hu soch kar ke kuch mujhe mazboor mat samzo

Na ho phoolo ki kimat to kahi upwan nai milte

Jo man hi ho maruthal kahi sawan nai milte

Jiske dil me Ishwar kahi murat nai koi

Use patthar hi dikhte h kabhi darshan nai milte

Jama par dev darshan ho wai bhav par hota hai

Jaha munio ki wani ho wahi uddhar hota h

Muze lagta nai navkar se ucha yaha koi

Waha sab paap kat jate jaha navkaar hota h

Assu roj kahani likhte hokar pani pani likhte

Prem ke maro ka kya kehna meera koi bhi diwani likhte

Bhatkana jinki Aadat h kabhi bo ghar nahi pate…! Ki gunge geet jis …
Likha itihaas me bhagbaan se badkar guru hote h..! Guru ninda jo karte h

Chanda ki chakori se kabhi bat na hoti

Agar tumsehamari ye mulakat na hoti

Is sher ke logo me koi baat hai ambar

Warna to kabhi itni hasi raat na hoti

Tum apne dosto ko waqt pe inkar mat karna

Kisi bhi ajnabi se pyar mat karna

Aye mere dost tuzko aj mera meshwarah hai ye

Na maloom ho gehrai to dariya paar mat karna

Faisala koi bhi ho dil me utar kar karna

Jo tuzko dil me rakhe usko hamasafar karna

Mere mathe ki lakeere bhi yahi kehti h ambar

Ye mohaabat h jara soch samaz kar karna

anamika jain amber youtube

हम आशा करते है की आपको अनामिका अम्बर जैन शायरी अच्छी लगी होगी anamika amber poems lyrics in hindi के बारे में आपके क्या सुझाव है हमे निचे में जरूर बताए ताकि हम इसमें और सुधार कर सके| 

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